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पर्यावरणीय कल्याण और स्थिति सहमति

पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) अधिसूचना 2006 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 के तहत अधिसूचित आवश्यकताओं के अनुरूप, भारी पानी बोर्ड पर्यावरण मंत्रालय, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ और सीसी) अथवा राज्य स्तरीय पर्यावरण संरक्षण प्रभाव प्राधिकरण से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पर्यावरण संबंधित मंजूरी प्राप्त करता है।

भारी पानी बोर्ड द्वारा पर्यावरण से संबंधित निम्नलिखित मंजूरियाँ प्राप्त की गई हैं।

  • भारी पानी संयंत्र, तूतीकोरिन, तमिलनाडु में विलायक उत्पादन संयंत्र
  • भारी पानी संयंत्र, तूतीकोरिन, तमिलनाडु में विलायक निष्कर्षण संयंत्र
सांविधिक सहमतियाँ / प्राधिकरण
  • भारी पानी बोर्ड नए संयंत्रों की स्थापना तथा प्रचालन के लिए जल (प्रदूषण रोकथाम तथा नियंत्रण) अधिनियम 1974, तथा वायु (प्रदूषण रोकथाम तथा नियंत्रण) अधिनियम 1981 की आवश्यकताओं के अनुरूप संबंधित राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अग्रिम सहमतियाँ प्राप्त करता है।
  • भारी पानी बोर्ड जोखिमपूर्ण तथा अन्य अपशिष्ट (प्रबंधन एवं सीमापार परिवहन) नियमावली, 1976 के तहत जोखिमपूर्ण अपशिष्टों का प्रबंधन करने के लिए संबंधित राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राधिकार भी प्राप्त करता है।
  • अन्य सांविधिक इकाइयों जैसे कि परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद (एईआरबी), केन्द्रीय / राज्य भूजल प्राधिकरण(सीजीडब्ल्यूडी अथवा एसजीडब्ल्यूजी), पेट्रोलियम व विस्फोटक संरक्षा संगठन (पीईएसओ), बॉयलर निरीक्षणालय/निदेशालय आदि से भी आवश्यकतानुसार सहमतियाँ / लाइसेंस प्राप्त किए जाते हैं।

औद्योगिक गतिविधियों के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए भारी पानी संयंत्रों की अपनी एक पर्यावरण प्रबंधन योजना (ईएमपी) होती है। स्वीकृत सहमतियों तथा प्राधिकारों की सांविधिक आवश्यकताओं एवं शर्तों के अनुसार परिवेशी वायु गुणवत्ता (एएक्यू) मॉनीटरन, फ्लू गैस का अनुकूलन, बहि:स्राव विश्लेषण एवं उपचार तथा अपशिष्ट प्रबंधन आदि कार्य किए जा रहे हैं। प्रत्येक संयंत्र का पर्यावरण विवरण पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को वार्षिक रूप से प्रेषित किया जाता है।

Last updated on: 15-Apr-2019